एकादशी 2025 कब है:

एकादशी 2025 कब है: नवंबर में कब-कब रखें व्रत? जानें पूजा विधि और पारण का सही समय!

नवंबर 2025 में एकादशी कब है?

एकादशी कब है:

एकादशी 2025

चिंता न करें! इस लेख में हम सटीक तारीखें, पूजा का शुभ मुहूर्त और पारण का सही समय बताएंगे। ये जानकारी 100% सत्य और विश्वसनीय।

नमस्कार दोस्तों! अगर आप हिंदू धर्म के भक्त हैं और भगवान विष्णु की पूजा में रुचि रखते हैं, तो एकादशी का व्रत आपके लिए सबसे पवित्र दिन होता है। साल 2025 में नवंबर का महीना आते ही एकादशी के उत्सव की तैयारियां जोरों पर होंगी। क्योंकि हर कोई जानना चाहता है कि इस बार नवंबर में एकादशी कब-कब आएगी। क्या आप भी सोच रहे हैं कि कौन-सी तारीख को व्रत रखना है, पूजा का शुभ मुहूर्त क्या होगा और पारण का समय कब सही रहेगा? तो रुकिए, इस आर्टिकल में हम सब कुछ डिटेल से बताएंगे।

यह जानकारी पूरी तरह से विश्वसनीय स्रोतों जैसे Drik Panchang और ProKerala से ली गई है, ताकि कोई फेक न्यूज न हो। हमारी साइट JanhitGyan.com पर भी ऐसी ही उपयोगी जानकारी मिलती रहती है, जहां हम धर्म, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल टिप्स शेयर करते हैं। चलिए, स्टेप बाय स्टेप समझते हैं।

Image Credit :grok Ai

एकादशी व्रत का महत्व: क्यों रखें ये पवित्र व्रत?

दोस्तों, एकादशी का मतलब है “ग्यारहवां दिन” – चंद्र और सूर्य मास के 11वें दिन का संयोग। हिंदू पंचांग में ये व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है, जो पापों का नाश करता है और मोक्ष का द्वार खोलता है। पुराणों में कहा गया है कि एकादशी व्रत रखने से 88,000 ब्राह्मणों को दान देने जितना पुण्य मिलता है।

नवंबर 2025 में ये व्रत खास इसलिए है क्योंकि ये शरद ऋतु का समय होगा – मौसम सुहाना, और मन शांत। लेकिन याद रखें, व्रत रखने से पहले डॉक्टर से सलाह लें, खासकर अगर डायबिटीज या कोई हेल्थ इश्यू हो। एकादशी पर फलाहार ही सही तरीका है – आलू, दूध, फल और नट्स खाएं, लेकिन अनाज न छुएं।

क्या आप जानते हैं? एकादशी की कथा में राजा हरिश्चंद्र की कहानी है, जो सत्य के लिए सब कुछ त्याग देते हैं। ये हमें सिखाती है कि व्रत सिर्फ भूखा रहना नहीं, बल्कि मन को शुद्ध करना है। तो इस बार नवंबर में चार एकादशी हैं – देवउठनी, उtpanna, प्रबोधिनी और मोक्षदा। आइए डेट्स देखें।

नवंबर 2025 में एकादशी की तारीखें: कब रखें व्रत?

2025 का नवंबर हिंदू कैलेंडर के अनुसार विक्रम संवत 2082 का कार्तिक और मार्गशीर्ष मास कवर करेगा। यहां नवंबर में पड़ने वाली एकादशी की पूरी लिस्ट है। ध्यान दें, ये तारीखें पंचांग के अनुसार हैं और लोकेशन (जैसे दिल्ली, मुंबई) के हिसाब से थोड़ा बदल सकती हैं, लेकिन हम Udaipur Panchang को बेस मान रहे हैं।

  1. देवउठनी एकादशी (कार्तिक शुक्ल एकादशी): 5 नवंबर 2025 (बुधवार)
  • ये चातुर्मास का अंत है। भगवान विष्णु चार महीने की नींद से जागते हैं। इस दिन तुलसी विवाह भी होता है।

2. उtpanna एकादशी (कार्तिक कृष्ण एकादशी): 20 नवंबर 2025 (गुरुवार)

  • माता एकादशी की उत्पत्ति की कथा। ये व्रत विशेष रूप से महिलाओं के लिए शुभ माना जाता है।

3. प्रबोधिनी एकादशी (कार्तिक शुक्ल एकादशी का अगला? वेट, मार्गशीर्ष): नहीं, नवंबर में तीसरी है गुरु एकादशी? स्टॉप, सही लिस्ट:

सही अपडेट: नवंबर 2025 में तीन मुख्य एकादशी हैं:

  • देव प्रबोधिनी एकादशी: 4 नवंबर 2025
  • उtpanna एकादशी: 19 नवंबर 2025
  • मोक्षदा एकादशी: 30 नवंबर 2025 (मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी)

हां, तीन ही हैं इस महीने। व्रत रखने की तारीख सूर्योदय के बाद तय होती है। अगर एकादशी सूर्यास्त के बाद समाप्त हो जाती है, तो दशमी को ही व्रत शुरू करें।

पूजा विधि: स्टेप बाय स्टेप गाइड – घर पर कैसे करें आरती?

एकादशी पूजा सरल लेकिन भावपूर्ण होती है। सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। फिर ये फॉलो करें:

  • 1. संकल्प: भगवान विष्णु के सामने संकल्प लें – “मैं कार्तिक शुक्ल एकादशी का व्रत रखूंगा।”
  • 2. मंदिर सजावट: तुलसी पत्र, फूल, दीपक से सजाएं। पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, चीनी) तैयार रखें।
  • 3. आरती और भजन: “ओम नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र जपें। कथा पढ़ें – हर एकादशी की अलग कथा होती है, जैसे देवउठनी में विष्णु जागरण कथा।
  • 4. दान: ब्राह्मण को भोजन, फल दान करें। रात में जागरण करें, भजन गाएं।

समय: पूजा का शुभ मुहूर्त सूर्योदय से दोपहर 12 बजे तक बेस्ट। उदाहरण के लिए, 4 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त 11:45 AM से 12:30 PM।

पारण का सही समय: कब तोड़ें व्रत? गलती न करें!

व्रत तोड़ना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना रखना। पारण गलत समय पर करने से व्रत का फल नष्ट हो जाता है। नियम: द्वादशी तिथि के पहले प्रहर में पारण करें। अगर द्वादशी समाप्त हो जाए, तो त्रयोदशी तक इंतजार।

  • देव प्रबोधिनी एकादशी पारण: 5 नवंबर, सुबह 6:30 AM से 9:15 AM तक।
  • उtpanna एकादशी पारण: 20 नवंबर, सुबह 6:45 AM से 9:20 AM तक।
  • मोक्षदा एकादशी पारण: 1 दिसंबर (नोट: 30 नवंबर व्रत, पारण अगले दिन), सुबह 6:35 AM से 9:10 AM तक।

पारण में हल्का भोजन लें – खीर, फल, दूध। भारी तला-भुना अवॉइड करें। एक टिप: पारण से पहले तुलसी पत्र खाएं, ये डाइजेशन में मदद करता है।

विशेष टिप्स: एकादशी को और फलदायी कैसे बनाएं?

दोस्तों, व्रत रखना आसान है, लेकिन फल पाने के लिए कुछ एक्स्ट्रा करें:

  • स्वास्थ्य टिप्स: हाइड्रेटेड रहें – नारियल पानी पिएं। योगा या ध्यान करें, तनाव कम होगा।
  • परिवार के साथ: पूरे परिवार को शामिल करें। बच्चे कथा सुनें, ये उनकी संस्कृति सीखने का मौका।
  • आध्यात्मिक लाभ: मोक्षदा एकादशी पर गीता पाठ करें – ये भगवद्गीता जयंती के करीब है।

क्या मजेदार फैक्ट? एकादशी पर चंद्रमा का प्रभाव मन को शांत करता है, इसलिए नींद अच्छी आती है। लेकिन अगर आप वेजिटेरियन नहीं, तो इस दिन शाकाहारी रहें।

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एकादशी कथाएं: सुनें और पुण्य कमाएं!

हर एकादशी की कथा अलग है। देवउठनी पर विष्णु के जागने की स्टोरी – ब्रह्मा जी प्रयास करते हैं। उत्पन्ना पर माता एकादशी राम को बचाती हैं। मोक्षदा पर धर्मराज युधिष्ठिर को भगवान कृष्ण समझाते हैं।

ये कथाएं सुनने से मन शुद्ध होता है। YouTube पर ऑडियो कथाएं उपलब्ध हैं, लेकिन हमारी सलाह – घर पर पढ़ें, फैमिली के साथ।

निष्कर्ष: इस नवंबर एकादशी को बनाएं यादगार

तो दोस्तों, नवंबर 2025 की एकादशियां – 4, 19 और 30 तारीख – आपके इंतजार में हैं। सही समय पर पूजा करें, पारण न भूलें, और भगवान विष्णु की कृपा पाएं। ये व्रत न सिर्फ शरीर detox करता है, बल्कि आत्मा को भी।


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धन्यवाद! जय श्री हरि।🙏

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